खबर है कि चंद्रेश कुमार सिंह नामक एक शिकायत ने 31 अक्टूबर 2025 को इन जेल प्रहरियों द्वारा रुपये लिए जाने की दर्ज कराई थी। इस शिकायत की जांच केंद्रीय जेल जबलपुर के अधीक्षक द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि प्रहरियों ने मंडला जेल के ठेकेदारों से अनधिकृत रूप से अपने बैंक खातों में रुपयों का लेन-देन किया था। इस कृत्य को मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 के नियम का उल्लंघन माना गया। शिकायत प्रमाणित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान दोनों प्रहरियों का मुख्यालय केंद्रीय जेल जबलपुर निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई जेल में सामान पहुंचाने वाले ठेकेदारों से अवैध रूप से वित्तीय लेनदेन के मामले में की गई है। प्रहरियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने बैंक खातों में ठेकेदारों से रुपयों का लेन.देन किया। गौरतलब है कि एक माह पूर्व ही जेल में बंद अजित पटेल नामक बंदी की मौत के बाद भी जेल प्रबंधन पर सवाल खड़े हुए थे। जेल में विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों के व्यवहार को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिनमें अब ठेकेदारों से लेनदेन का यह नया मामला जुड़ गया है।
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