एमपी–एमएलए कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक
जबलपुर। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने भोपाल स्थित एमपी–एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय सहित अन्य विपक्षी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अभिषेक बनर्जी की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई कि वे देश के संसदीय कार्यों में सक्रिय हैं और फरार होने की आशंका निराधार है। उन्होंने निचली अदालत से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी थी, लेकिन एमपी–एमएलए कोर्ट ने उनके आवेदन पर विचार किए बिना ही वारंट जारी कर दिया।हाईकोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि पहले सभी पक्षों को सुनना आवश्यक है। इसलिए निचली अदालत की कार्रवाई पर फिलहाल रोक रखते हुए अगले चरण की सुनवाई तक गिरफ्तारी वारंट लागू नहीं होगा।
-क्या है गुंडा वाला मामला
यह पूरा विवाद वर्ष 2020 के उस बयान से जुड़ा है, जब अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता की एक सभा में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र और विधायक आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था। इस टिप्पणी के आधार पर आकाश ने 2021 में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। मामले में अभिषेक की अनुपस्थिति को देखते हुए एमपी–एमएलए कोर्ट ने 26 अगस्त 2024 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अब हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब तलब कर सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित की है।
-कब,कैसे आगे बढ़ा घटनाक्रम
-2020 में बयान – अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता की सभा में आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा।
-2021 में मानहानि केस – आकाश ने भोपाल की एमपी–एमएलए कोर्ट में मामला दर्ज कराया।
-वारंट जारी – अभिषेक की गैरहाजिरी पर 26 अगस्त 2024 को गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।
-हाईकोर्ट का हस्तक्षेप – वारंट पर अंतरिम रोक, सभी पक्षों को नोटिस।
-अगली सुनवाई – कोर्ट ने जल्द जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
