जबलपुर. फरवरी माह में रेल बजट संसद में पेश होता है, लेकिन उसकी तैयारियां कई माह पहले ही शुरू हो जाती है। इसी क्रम में पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय में भी इन दिनों आगामी बजट 2026-27 के लिए तैयारियां जोरों पर है। सूत्रों की माने तो इस बार पमरे प्रशासन जबलपुर-नरसिंहपुर के बीच तीसरी लाइन के प्रस्ताव को तैयार करने में गंभीरता से काम कर रहा है.
उल्लेखनीय है कि इटारसी-जबलपुर-प्रयागराज रेलमार्ग पश्चिम व दक्षिण भारत के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। रेलवे ने प्रयागराज-मानिकपुर के बीच थर्ड लाइन पर तेजी से काम कर रहा है. लेकिन मानिकपुर से जबलपुर-इटारसी के बीच अभी भी डबल लाइन है. जिस प्रकार लगातार नई यात्री गाडिय़ों व मालगाडिय़ों के परिवहन में तेजी आती जा रही है. इस बात की जरूरत महसूस की जाने लगी है कि इटारसी-जबलपुर-मानिकपुर के बीच भी तीसरी लाइन बिछाई जानी चाहिए.
पहले चरण में जबलपुर-नरसिंहपुर पर चल रहा विचार
सूत्रों के मुताबिक रेलवे ने इटारसी-मानिकपुर के बीच तीसरी लाइन बिछाने के लिए कई चरणों में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, जिसके चलते पहले चरण में जबलपुर-नरसिंहपुर के बीच लगभग 100 किलोमीटर की तीसरी लाइन बिछाने पर विचार काफी गंभीरता से पमरे मुख्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में चल रहा है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो अगले रेल बजट में इसको मंजूरी मिल सकती है.
बाद में जबलपुर-कटनी, नरसिंहपुर-पिपरिया का नंबर
सूत्रों की माने तो जबलपुर-नरसिंहपुर के बीच तीसरी लाइन की मंजूरी मिलने के बाद अगले चरण में जबलपुर-कटनी, फिर नरसिंहपुर-पिपरिया के बीच तीसरी लाइन की मंजूरी मिल सकेगी.
160 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से बिछेगी तीसरी लाइन
सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में इटारसी-जबलपुर-मानिकपुर के बीच रेलमार्ग की अधिकतम गति 110 किमी प्रतिघंटा की है, लेकिन जो तीसरी लाइन पर चर्चा चल रही है, उसमें अधिकतम गति 160 किमी प्रतिघंटा की क्षमता की होगी।
