कटनी के बरही का मामला, न्यायालय के पूर्व के आदेशों पर भी नहीं किया गया अमल, आज कटनी कलेक्टर स्वयं हुए उपस्थित
जबलपुर। कटनी कलेक्टर ने जिले की बरही तहसील के 3 गांवों की सड़क एक ठेकेदार को लीज पर दे दी। ठेकेदार उस रास्ते पर गिट्टी डंप करने लगा। इससे रास्ता बंद हो गया। ग्रामीण परेशान होने लगे। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों ने कलेक्टर से रास्ता खोलने का निवेदन किया। जब कुछ नहीं हुआ तो जनहित याचिका दायर की। पूरे मामले से हाईकोर्ट से अवगत करवाया। कोर्ट ने जिला प्रशासन को रोड खोलने के निर्देश दिएएफिर भी प्रशासन ने रोड नहीं खोला। इसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और राज्य सरकारए कटनी कलेक्टरए ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी कर दिया था। कोर्ट के निर्देश पर 10 नवंबर को कलेक्टर कटनी कलेक्टर और ठेकेदार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। साथ ही राज्य सरकार ने भी जवाब पेश किया है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि बंद रास्ते को खोल दिया जाए और उसे आगे भी खुला रहने दे। आज चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की।
-क्यों किराए पर दी थी ये रोड
हाई कोर्ट में जानकारी सामने आई कि कटनी जिले की बरही तहसील के करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा गांव तक जाने के लिए यह एकमात्र सड़क है। यहां से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण तहसील और शहर आते-
जाते हैं। 1 जुलाई 2025 को खनिज विभाग की रिपोर्ट पर कटनी कलेक्टर ने बरही तहसील के ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की लगभग 65 हेक्टेयर भूमि को लीज पर दे दिया। ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को महज 300 रुपए वार्षिक किराया चुकाना है। सड़क का इस्तेमाल खनन के बाद डंप करने के लिए होता है। इस जमीन का इस्तेमाल स्थानीय ग्रामीण कई सालों से कच्ची सड़क के रूप में करते आ रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड में भी यह जमीन रास्ते के रूप में दर्ज है। कोर्ट ने माना कि प्रशासन ने मनमाने तरीके से इस सड़क को डंपिंग साइट में बदलने की कोशिश की। इसके चलते ग्रामीणों की आवाजाही रुकी और वे विरोध करने लगे। इसकी कलेक्टर से लिखित शिकायत की गई थीए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे पीड़ित पक्ष को कोर्ट जाना पड़ा।
