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बांधवगढ़ में बाघ शावक की मौत संदिग्ध !

 


 इंफेक्शन की आशंका, एक्सपर्ट टीम कर रही जांच
डॉग स्क्वॉड, मेटल डिटेक्टर और फॉरेंसिक के साथ मौके पर टीमें एक्टिव 

जबलपुर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को एक बाघ शावक की हुई मौत ने वन विभाग को हिलाकर दिया है। शुरुआती जांच में मौत का कारण गंभीर इंफेक्शन बताया जा रहा है, लेकिन स्थिति स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की टीम विस्तृत जांच कर रही है।वन विभाग के अनुसार मृत बाघ शावक नर था और उम्र लगभग 10–12 महीने के आसपास आंकी गई है। घटना की सूचना मिलते ही जबलपुर वेटरनरी यूनिवर्सिटी, फॉरेंसिक विशेषज्ञों, वरिष्ठ वन अधिकारियों और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुँची। टीम ने शव का पोस्टमार्टम मौके पर ही किया तथा आसपास के क्षेत्र की धातु या संदिग्ध वस्तुओं की जाँच के लिए मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया।शावक का शव 20 नवंबर को बांधवगढ़ के खुड्डा बीट के कंपार्टमेंट नंबर 425 और 426 की सीमा पर मिला। प्रारंभिक निरीक्षण में सामूहिक रूप से माना गया कि शावक कई दिनों से बीमार था और संक्रमण बढ़ने से उसकी मौत हुई है।

विशेष टीम कर रही इन्वेस्टिगेशन

पार्क प्रबंधन ने मुंबई और जबलपुर के वन्यजीव विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक विशेष टीम बनाई है। इसमें डॉ. अनमोल रोकड़े, डॉ. रमेश तिवारी, डॉ. प्रशांत देशमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम फील्ड से नमूने इकट्ठा कर लैब भेज रही है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।वन अधिकारियों ने बताया कि जंगल में कोई जख्म, संघर्ष या शिकार से जुड़ा प्रमाण नहीं मिला। पीएम में भी यह पुष्टि हुई कि मौत अंदरूनी इंफेक्शन के कारण हुई प्रतीत होती है। शव को नियमों के अनुसार जंगल में ही दफना दिया गया। अब रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि यह संक्रमण प्राकृतिक था या किसी बाहरी कारण से हुआ। 

जांच में क्या–क्या किया गया?

  • मौके पर ही पोस्टमार्टम
  • डॉग स्क्वॉड द्वारा सर्चिंग
  • मेटल डिटेक्टर से आसपास का निरीक्षण
  • वेटरनरी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम की मौजूदगी
  • नमूने लैब भेजे गए
  • शव को फॉरेस्ट प्रोटोकॉल के अनुसार दफनाया गया।


  •  जांच टीम में कौन–कौन शामिल?
  • डॉ. अनमोल रोकड़े (वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ)
  • डॉ. प्रशांत देशमुख (सीबीएफटी, मुंबई)
  • डॉ. रमेश तिवारी (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर)
  • वन परिक्षेत्र अधिकारी पंकज तिवारी
  • सहायक संचालक वन्यजीव, क्षेत्रीय फॉरेंसिक अधिकारी
  • स्थानीय फील्ड स्टाफ और स्ट्राइक फोर्स टीम


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