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अधिकारी-कर्मचारियों पर ई-अटेंडेंस का शिकंजा, 1 नवम्बर से कड़ी निगरानी


जबलपुर/भोपाल।
प्रदेश के नगरीय निकायों में पांच दिन बाद 1 नवम्बर से रजिस्टर में अटेंडेन्स लगाना बंद हो जाएगा। इसकी जगह दफ्तर में ई-अटेंडेन्स के लिए बायोमेट्रिक मशीनें लग जाएंगी। इसके लिए अधिकारी और कर्मचारियों का डाटा उस मशीन में दर्ज किया जा रहा है।

शहर के सरकारी निकायों में उन कर्मचारियों-अधिकारियों के बीच हड़कंप मची हुई हैं, जो कार्यालय लेट पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में अब उनकी हाजिरी प्रभावित होगी। आगामी एक नवम्बर से बायोमेट्रिक मशीन पर लेट हाजिरी लगने से उक्त अधिकारी-कर्मचारी की लेटलतीफी सामने आ जाएगी। लगातार लेट होने से उसकी पगार भी प्रभावित होगी।

 मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में 1 नवंबर से कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत सभी कर्मचारियों और अधिकारियों का डाटा 30 अक्टूबर तक आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक सिस्टम से लिंक किया जाएगा। अब हाजिरी केवल बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

नगरीय प्रशासन विभाग ने कहा है कि काम पर न आने या देरी से आने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नया सिस्टम ई-अटेंडेंस को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल से जोड़ेगा और कर्मचारियों का वेतन इसी पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के आधार पर तय होगा। विभाग के अनुसार, इस कदम से अनुशासन बढ़ेगा और फर्जी हाजिरी पर रोक लगेगी।

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