तिराहे से लेकर दुकानों के सामने तक मवेशियों की बैठक
जबलपुर। शहर में तीज हो या त्योहार। किसी वीआईपी को आना हो या फिर गैदरिंग होनी हो। इससे नगर निगम के हांका गैंग को कोई फर्क नहीं पड़ता है। यह गैंग सिर्फ कागजों में मवेशियों को पकड़ने का दावा करके अपनी पीठ थपथपा रही है। तभी तो शहर के प्रमुख तिराहों-चौराहों पर मवेशियों की मौजूदगी इनकी कार्यशैली पर सवाल उठा रही हैं।
सर्किंट हाउस क्रमांक एक के पास कैरव्स तिराहा, जिस पर सतत यातायात रहता है। इस तिराहे की हालत यह हो गई है कि यह एनीमल रोटरी हो गई है। तिराहे के बीच में मवेशियों का जमघट लगा रहता है। इससे वाहन चालक इन्हें बचाते हुए चलते हैं। यह माजरा दिन का नहीं बल्कि रात का है। शाम ढलने के बाद ही ये मवेशी तिराहे के बीच खड़े हो जाते हैं, फिर रात तक ये बैठ जाते हैं। मौजूदा हालात यह है कि एक समय में 15-20 मवेशी एकत्र रहते हैं।
इन मवेशियों पर निगरानी नहीं होने से ये सड़क के किनारे दुकानों के सामने भी बैठ रहे हैं। क्षेत्रीय लोग कहते हैं कि इनकी मौजूदगी से गंदगी फैल रही है। कई बार सुबह के समय हालात ये रहते हैं कि दुकान में जाने के लिए रास्ता नहीं बचता है। इसके लिए सफाई कामगार को बुलवाना पड़ता है।
