जिन फर्मों पर छापे मारे गए उनमें मोहनी ट्रेडर्स, संजय ड्रायफू्रट और सुनील ट्रेडिंग कंपनी प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये फर्में शहर के विभिन्न इलाकों श्वेतांबर जैन मंदिर के पास, जय स्तंभ चौक इलाहाबाद बैंक के पास, टिकुरिया टोला, खेरमाई रोड और स्टेशन रोड में संचालित हो रही थीं। इसके अलावाए औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री पर भी जांच की गई। टीम ने सभी ठिकानों पर एक ही समय पर पहुंचकर दस्तावेजों और स्टॉक की जांच शुरू कर दी। कार्रवाई में लगभग 15 से 20 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम शामिल थी। जांच टीम फर्मों के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर, कंप्यूटर डेटा व पुराने बिल-पर्चियों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों में गड़बड़ी सामने आई है। विभाग को संदेह है कि इन फर्मों ने असली बिक्री को छिपाकर जीएसटी की बड़ी चोरी की है। छापेमारी की खबर फैलते ही शहर के अन्य व्यापारियों में भी हलचल मच गई। फिलहाल मोहनी ट्रेडर्स से जुड़ी कई फर्मों की जांच जारी है और देर रात तक यह कार्रवाई चलने की संभावना जताई जा रही है। जीएसटी विभाग का कहना है कि दस्तावेजों की पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।