जबलपुर। लालमाटी से गुम हुए एक दवा एजेंसी में काम करने वाले संतोष पटेल की रेल दुर्घटना में मौत के बाद पुलिस ने शव चौहानी में दफना दिया था। पुलिस का दावा है कि मृतक की शिनाख्ती के प्रयास किए गए थे, लेकिन जब कहीं पता नहीं चला तो उसे दफना दिया था। उधर, सोशल मीडिया पर मृतक की फोटो देखकर परिजन थाने पहुंचे, जहां पर उसकी शिनाख्त की गई और फिर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उन्हें चौहानी में कब्र खुदवाकर संतोष का शव सौंपा गया।
चौहानी मुक्तिधाम पहुंचे मृतक संतोष के रिश्तेदार ध्णर्मेंद्र पटेल ने बताया कि संतोष पटेल 11 सितम्बर की सुबह घर से निकले थे। शाम तक घर न आने पर परिजनों ने यह सोचा कि कभी-कभी अधिक कार्य होने के कारण वह देर से घर पहुंचते थे। इसलिए नहीं आए होंगे। सारी रात घर न आने पर घबराए परिजनों ने घमापुर पुलिस को सूचना दी थी। उधर, सोशल मीडिया में रेलवे ट्रेक पर पड़ी लाश और कार्रवाई का एक वीडियो दिखा। वीडियो में शरीर और कपड़े संतोष जैसे लगे तो परिजन पतासाती करते हुए थाना रांझी पहुंचे। शुक्रवार-शनिवार को लापता संतोष की पूरा दिन तलाश चलती रही।
थाना रांझी में परिजनों को पुलिस ने बताया कि बंदे भारत एक्सप्रेस की टक्कर लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। सूचना पर लाश का पोस्टमार्टम कराते हुए मृतक की पहचान न होने पर उसको मुक्ति धाम में दफना दिया गया है। परिजनों ने वीडियो और पुलिस के बताए अनुसार तथ्यों के आधार पर मृतक की पहचान संतोष पटेल के रूप में की, जिसके बाद रविवार सुबह कब्र से संतोष की लाश निकाली गई।
