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यूपी : मदरसे के टॉयलेट में बंद मिली 40 नाबालिग बच्चियां, एसडीएम की छापेमारी से मचा हड़कंप

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। बहराइच जिले के एक अवैध मदरसे की जांच के लिए पहुंचे एसडीएम और उनकी टीम ने जब वहां का नजारा देखा तो दंग रह गए. मदरसे के छत पर बने टॉयलेट में 40 नाबालिग बच्चियों को कैद करके रखा गया था. यह देखकर प्रशासनिक टीम ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची महिला पुलिस टीम की मदद से सभी बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. जिला प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है.

मदरसे पर छापेमारी करने वाले एसडीएम पयागपुर अश्वनी पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा जिले में संचालित हो रहे सभी मदरसों की जांच कराई जा रही है. इसमें मदरसों के रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स सहित दूसरे दस्तावेजों की जांच जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है. इसी क्रम में पयागपुर थाना क्षेत्र के पहलवारा गांव में चल रहे मदरसे की जांच करने के लिए स्थानीय लेखपाल पहुंचे थे.

मदरसे में जाने से रोका गया

प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि जब जब लेखपाल वहां पहुंचे, तो मदरसा संचालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. लेखपाल को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है, तभी रोका जा रहा है. इस पर लेखपाल ने यह सूचना एसडीएम पयागपुर अश्वनी पांडेय को दी. इसके बाद एसडीएम, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और नायाब तहसीलदार मदरसे पर जांच करने पहुंचे.

मदरसा संचालक खलील अहमद ने इन अधिकारियों को भी रोकने की कोशिश की गई, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी अंदर पहुंचे. जब वह लोग जांच करते-करते छत पर गए तो वहां पर टॉयलेट का दरवाजा बंद दिखा. अधिकारियों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था. इसके बाद तुरंत महिला सिपाहियों को मौके पर बुलाया गया.

एसडीएम अश्वनी पांडेय ने बताया कि जब महिला सिपाहियों ने दरवाजा खुलवाया तो सभी अधिकारियों की आंखें खुली की खुली रह गईं. अधिकारी एक-दूसरे का चेहरा देखते नजर आए, क्योंकि टॉयलेट में एक, दो नहीं 40 नाबालिग बच्चियां बंद थीं. सभी बच्चियों को अधिकारियों द्वारा बाहर निकाला गया. इसकी सूचना जिले के उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है.

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

बहराइच के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि मदरसे के संचालन पंजीकरण और वहां मिली बच्चियों के संबंध में गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है. जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले की जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भी भेजी गई है.

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