जबलपुर। नगर निगम के राजस्व अमले ने बुधवार को समीक्षा बैठक में सरकारी दफ्तरों के बकायादारों को अल्टीमेटम देते हुए तय किया है कि वे हर हाल में 30 सितंबर के पहले टैक्स की भरपाई करें। समीक्षा बैठक में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने संस्कारधानी के करदाताओं से कहा कि शहर का विकास आपके द्वारा जमा कराए गये बकाया करों की राशि से ही संभव है। लिहाजा, बकाया करों की राशि निगम कोष में जमा करके शहर विकास में अपना योगदान दें।
महापौर ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व अमले से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाउंसिग बोर्ड, आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, स्टेट पीडब्लूडी, पीएचई, वन विभाग, छटवीं बटालियन, यातायात, कृषि विश्वविद्यालय, रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय, वेटनरी कॉलेज, एलआईसी, शिक्षा विभाग, जीएसटी, इन्कमटैक्स विभाग, आईटी पार्क, जेडीए, मेडिकल, एमपीईबी, रेल्वे के साथ-साथ अन्य सभी शासकीय भवनों के संबंध में बकाया सेवाशुल्क की राशि की जानकारी ली।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों, शासकीय भवनों और करदाताओं के ऊपर एरियर राशि के रूप में लगभग 500 करोड़ रूपये की राशि बकाया है। इस पर महापौर ने कहा कि सभी करदताओं से एरियर की राशि की वसूली हर हाल में करें। महापौर ने 30 सितम्बर तक औद्योगिक क्षेत्रों और शासकीय भवनों से 50 करोड़ एवं अन्य मदों से 25 करोड़ की राशि वसूल करने के लिए राजस्व अमले को लक्ष्य दिया। बाजार विभाग के अधिकारियों को भी 30 सितम्बर तक किराया, लायसेंस शुल्क में करोड़ रूपये की राशि जमा कराने का लक्ष्य देते हुए निर्देशित किया है कि 30 सितम्बर तक नया बाजार की दुकान संचालकों से भी राशि की वसूली की जावे, यदि उनके द्वारा 30 सितम्बर तक बकाया करों की राशि जमा नहीं की जाती है तो उन सभी दुकानों में भी तालाबंदी की कार्रवाई की जावे।
बैठक में एमआईसी सदस्य राजस्व प्रभारी डॉ सुभाष तिवारी, अपर आयुक्त अंजू सिंह ठाकुर, सहायक आयुक्त रचयिता अवस्थी, राजस्व अधीक्षक इन्द्र कुमार वर्मा, दिनेश प्रताप सिंह, लायसेंस प्रभारी संदीप पाण्डे, शक्ति रजक उपस्थित रहे।
