जबलपुर। रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस अवसर पर कांग्रेसियों ने धनवंतरी नगर स्थित रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण किया कर उनके बलिदान को याद किया। इस मौके पर अल्पसंख्यक विभाग के संयोजक दलबीर सिंह जस्सल एवं सुमन जैन ने कहा कि रानी अवंती बाई एक वीर और स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है क्योंकि वे एक देशभक्त और राष्ट्र प्रेमी थी जिन्होंने अपनी राज्य की रक्षा के लिए अंग्रेजों से युद्ध कर कर राज्य की रक्षा की व अंतिम सांस तक जब जीने की आशा न बची तब ऐसी स्थिति में उन्हें अपने प्राणों का बलिदान कर देश भक्ति का अटूट और अहम आदर्श प्रस्तुत किया ताकि लोग आगे भविष्य में भी पराधीनता की बेटियां तोड़कर राष्ट्र की रक्षा कर सके और स्वतंत्र जीवन जी सकें कार्यक्रम में सभी ने रानी अवंती बाई के बलिदान को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सुमन कुमार जैन, साकिर कुरैशी, संजय वर्मा, हुर बी, मार्को बाबा, राजकुमार जैन मामा, नेकराम पटेल, शफी खान, दिलबर खान, जीतू साहू सहित अन्य मौजूद थे।
जबलपुर। रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस अवसर पर कांग्रेसियों ने धनवंतरी नगर स्थित रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण किया कर उनके बलिदान को याद किया। इस मौके पर अल्पसंख्यक विभाग के संयोजक दलबीर सिंह जस्सल एवं सुमन जैन ने कहा कि रानी अवंती बाई एक वीर और स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है क्योंकि वे एक देशभक्त और राष्ट्र प्रेमी थी जिन्होंने अपनी राज्य की रक्षा के लिए अंग्रेजों से युद्ध कर कर राज्य की रक्षा की व अंतिम सांस तक जब जीने की आशा न बची तब ऐसी स्थिति में उन्हें अपने प्राणों का बलिदान कर देश भक्ति का अटूट और अहम आदर्श प्रस्तुत किया ताकि लोग आगे भविष्य में भी पराधीनता की बेटियां तोड़कर राष्ट्र की रक्षा कर सके और स्वतंत्र जीवन जी सकें कार्यक्रम में सभी ने रानी अवंती बाई के बलिदान को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सुमन कुमार जैन, साकिर कुरैशी, संजय वर्मा, हुर बी, मार्को बाबा, राजकुमार जैन मामा, नेकराम पटेल, शफी खान, दिलबर खान, जीतू साहू सहित अन्य मौजूद थे।
