खबर है कि ढीमरखेड़ा में वन विभाग की करीब 15 एकड़ जमीन पर लम्बे समय से ग्रामीणजन खेती कर रहे है। अवैध रुप से खेती किए जाने को लेकर पहले भी वन विभाग ने रोका लेकिन ग्रामीण नहीं माने। वन विभाग की टीम को खबर मिली कि ग्रामीण अवैध रुप से मक्का व धान की बुआई के लिए जुताई कर रहे है। जिसपर डिप्टी रेंजर सहित वन अमला मौके पर पहुंच गया, जिन्हे देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ, विवाद होने की खबर मिलते ही कई ग्रामीणजन पहुंच गए, जिन्होने वन अमले को घेरकर लाठियों से हमला कर दिया। हमले से जंगल में अफरातफरी व भगदड़ मच गई। हमले में खमतरा के डिप्टी रेंजर अशोक कोल, उमरिया पान के डिप्टी रेंजर राम कुशल मिश्रा, बीट गार्ड रामदुलारे मेहरा, रामफल पटेल व राजेश शर्मा को चोटें आई है। ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भी बल सहित मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होने घायलों को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद हमलावरों की तलाश शुरु कर दी है, जिन्हे पकडऩे के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विवादित भूमि पर पहले से हरे-भरे पेड़ काटकर हटाए जा चुके थे। यह क्षेत्र तेंदुओं की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। ग्रामीण करीब 15 एकड़ भूमि पर मक्का.धान बोने के लिए जोत रहे थे। मना क रने पर विवाद करने लगे। खबर है कि ढीमरखेड़ा थाना पुलिस ने लालू बर्मन, रघुवीर सिंह, प्रकाश दहिया, मुकेश बर्मन सहित अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज किया है।