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उफनाते नाला को पार कर रही बस पुलिया पर लटकी, जबलपुर-दमोह रोड पर घटना, प्रदेश के 14 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट

 

जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के चलते जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर व ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। आज गुरुवार को 14 जिलों में अति भारी और 22 जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट है। वहीं आज जबलपुर-दमोह रोड पर तेजगढ़ में उफनाला नाला पार करते वक्त एक यात्री बस पुलिया पर लटक गई। 

                                             


                                                                                                                                                                          बताया गया है कि दमोह से जबलपुर की ओर आ रही बस को लकलका झापन तेजगढ़ के पास ड्राइवर ने उफनते नाले से पार कराने की कोशिश की। बस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे लटक गई। उसका आधा हिस्सा नाले और आधा पुलिया पर फंस गया। बस नंबर एमपी 09 एफए 5306 दमोह से उत्तर प्रदेश के जालौन जा रही थी। खबर मिलते ही पुलिस पहुंच गई और स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार 6 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने बस ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। इसी तरह                                      प्रदेश के सभी जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी और बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा बारिश दमोह में 4.1 इंच हो गई। शिवपुरी में 3 इंच, नौगांव-सतना में 1.8 इंच, टीकमगढ़ में डेढ़ इंच, सागर में 1.1 इंच व रायसेन में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल में देर रात में बारिश हुई, जो आधा इंच से ज्यादा रही। सतना में तेज बारिश से पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आकर कई दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। एक मकान का चबूतरा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

जबलपुर सहित 14 जिलों में 24 घंटे में गिर सकता है 8 इंच पानी-

मौसम विभाग के अनुसार आज जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा,पांढुर्णा, सिवनी, दमोह, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल व अनूपपुर में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। इन जिलों में 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है। इसके अलावा ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी व सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।



मंडला में भारी बारिश, 7 की मौत, 210 गांवों में भरा पानी 

मंडला जिले में 18 जून से अब तक 810 मिमी यानी 31.87 इंच बारिश हो चुकी है। यह वार्षिक औसत 1326.2 मिमी (52.21 इंच) का 61 प्रतिशत है। बाढ़ की चपेट में आए 210 गांवों में जनजीवन अस्तव्यस्त है। नदी-नालों को पार करते समय बहे 9 में से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 2 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में एसडीईआरएफ की टीमें लगी हैं।

मंडला में सबसे ज्यादा प्रभावित गांव-

भारी बारिश के चलते बिछिया, बीजाडांडी, नारायणगंज, निवास और मंडला क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। बिछिया के अंजनिया, माधोपुर, मरारटोला, करियागांव, जगन्नाथ, भलवारा, बीजाडांडी के बरौची, पीपलधर, तुमती, विजयपुर गांवों में बड़ा नुकसान हुआ है। 

दतिया में नाले में बहा ऑटो- 

दतिया में रिछरा फाटक इलाके का नाला सुबह हुई बारिश से उफान पर आ गया। पानी के बहाव में ऑटोरिक्शा फंस गया। स्थानीय लोगों ने मदद कर ड्राइवर को बाहर निकाला।

ग्वालियर में बारिश से निचले इलाकों में पानी भरा-

ग्वालियर में आज सुबह बादल छाए रहे। 10 बजे के बाद बारिश होने लगी। सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही में दिक्कत हुई। निचले इलाकों में पानी भी भर गया।

सिवनी मालवा में बारिश से जलभराव

नर्मदापुरम की सिवनी मालवा तहसील में रात करीब 12 बजे से 1.30 बजे तक तेज बारिश हुई। इससे कुछ ही देर में शहर के निचले इलाकों समेत ग्रामीण अंचलों में जलभराव की स्थिति बन गई। इलाके की अधिकांश नदियां और नाले उफान पर आने से कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है।

सीहोर के सतकुंडा झरने में बहा युवक-

सीहोर में बुदनी के सतकुंडा झरने में नहाते समय एक युवक के बहने का वीडियो सामने आया है। युवक बरसाती झरने में बहता हुआ दिखाई दे रहा है। उसे बचाने के लिए एक अन्य व्यक्ति पीछे-पीछे दौड़ लगा रहा है। पानी में बह रहा व्यक्ति चट्टान से टकराने के बाद रुक गया। इससे बड़ा हादसा टल गया। 

उज्जैन में 36 इंच बारिश का रिकॉर्ड-

उज्जैन में पूरे जुलाई महीने में 36 इंच बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। इतनी बारिश साल 2015 में हुई थी। 2023 में 21 इंच से ज्यादा पानी गिर गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 19 जुलाई 2015 को 12ण्55 इंच हुई थी। उज्जैन में जुलाई की औसत बारिश 13 इंच है। महीने में 12 दिन पानी बरसता है।

इंदौर में इस बार 40 प्रतिशत ज्यादा बारिश

इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 को हुई थी। वर्ष 1973 में पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। पिछले साल इंदौर में पूरे महीने 8.77 इंच बारिश हुई थी।

4 दिन तक तेज बारिश का दौर-

 मौसम विशेषज्ञों की माने तो मध्यप्रदेश में दो ट्रफ का असर है। वहीं साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। जिसके चलतेे अति भारी या भारी बारिश हो रही है। लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी अगले कुछ दिन में देखने को मिलेगी। इससे अगले चार दिन यानी 13 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा। 12 जुलाई को मालवा-निमाड़ यानी इंदौर व उज्जैन संभाग में भी तेज बारिश होने का अनुमान है। इस मानसून इन दोनों संभागों में कम बारिश हुई है।


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