khabar abhi tak

10वीं-12वीं में फेल होने वाले छात्र न हों निराश, ये किया तो नहीं होगा साल बर्बाद

 भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की 10 वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट बुधवार को घोषित हो गए हैं। 10वीं में 61.32 फीसदी और 12वीं में 72.37 प्रतिशत छात्र पास हुए यानी 10वीं में 39 प्रतिशत और 12वीं में 27 प्रतिशत छात्र फेल भी हुए हैं लेकिन फेल होने पर स्टूडेंट को हौसला और हिम्मत हारने की जरूरत नहीं, क्योंकि 2018 में माशिमं ने रुक जाना योजना शुरू की है। ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जो परीक्षा में फेल हुए परंतु जब दोबारा परीक्षा दी तो टॉप कर गए। इस योजना के तहत कई बच्चे ओपन स्कूल से फेल हुए विषयों की परीक्षा देकर फिर से मुख्यधारा में जुड़ गए। इस योजना के तहत कुछ बच्चों ने तो 84 फीसदी तक नंबर लाए हैं। मप्र राज्य ओपन परिषद के डायरेक्टर पीआर तिवारी ने बताया कि जो बच्चे तीन विषय में फेल हुए थे। उसमें कई फस्र्ट डिवीजन में पास हुए। रुक जाना नहीं के तहत बच्चों का साल बर्बाद नहीं होता। फेल होने वाले स्टूडेंट रिजल्ट के बाद से राज्य ओपन में आवेदन कर सकते हैं।

एक साल में 3 बार परीक्षा-
इस स्कीम में एक साल में तीन बार परीक्षा होती है। जून, सितंबर और दिसंबर में। उन्होंने बताया 2016 से शुरू हुई योजना में 2 लाख 1 हजार बच्चे पास हो चुके हैं। इस बार सीबीएसई में फेल होने वाले बच्चों के लिए योजना शुरू की है। अधिक जानकारी मप्र राज्य ओपन स्कूल शिक्षा परिषद की वेबसाइट से ले सकते है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak