khabar abhi tak

मुसाफिरों को मिली बड़ी सौगात, शहपुरा टोल हुआ फ्री,नितिन गडकरी ने जारी किया आदेश





जबलपुर। जबलपुर और भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की सीधी पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शहपुरा टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली तुरंत प्रभाव से रोकने के आदेश दे दिए हैं। करीब 400 करोड़ रुपए से बने शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज के धंसने के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया था। रास्ता बंद होने और लंबा चक्कर काटने के बाद भी कंपनी द्वारा टैक्स वसूला जा रहा था। राज्य के मंत्री द्वारा पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी है, जिससे अब चालकों की जेब पर पड़ रहा अतिरिक्त आर्थिक बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

​टूटते पुल के कारण बंद हुआ मुख्य रास्ता

​फरवरी 2026 में ओवरब्रिज का मुख्य हिस्सा अचानक नीचे धंस गया था। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने ट्रैफिक को दूसरे रास्ते पर शिफ्ट किया, लेकिन अत्यधिक दबाव के चलते वह संपर्क मार्ग भी पूरी तरह टूट गया। ऐसे में जान-माल की हिफाजत के लिए दोनों रास्तों पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। अब जबलपुर आने-जाने वाली सभी गाड़ियों को पाटन के रास्ते भेजा जा रहा है। मुसाफिरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए न सिर्फ कई किलोमीटर का लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है, बल्कि उनका कीमती समय और ईंधन भी बहुत ज्यादा बर्बाद हो रहा है।

​आदेश की अनदेखी कर जारी रखी अवैध वसूली

​कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने लगभग 4 सप्ताह पहले भोपाल की समीक्षा बैठक में ही अफसरों को स्पष्ट हिदायत देकर टैक्स तुरंत बंद कराने को कहा था। इसके विपरीत मौके पर मौजूद ठेका कंपनी नियमों को धता बताकर करीब 24 दिन तक लगातार पैसे वसूलती रही। एजेंसी का कहना था कि जब तक नेशनल हाईवे अथॉरिटी से लिखित चिट्ठी नहीं आती, तब तक बैरियर नहीं खुलेंगे। इस हठधर्मिता और जनता की परेशानी को देखते हुए मंत्री ने 22 सितंबर को केंद्र सरकार से सीधा संवाद साधा और पुल सुधरने तक कलेक्शन पूरी तरह स्थगित रखने की मांग उठाई।

​विशेषज्ञों की जांच के बाद होगा नया निर्माण

​यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान और बड़े पुल विशेषज्ञों की विशेष टीम से स्ट्रक्चर की गहन जांच कराई जा रही है। तकनीकी टीम की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही नए सिरे से पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री की अनुमति मिलते ही प्रशासन ने मौके पर वसूली रोकने की प्रक्रिया को धरातल पर उतार दिया है। जब तक नया ब्रिज बनकर सुरक्षित आवागमन के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक किसी भी वाहन से एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak