जबलपुर। संभाग की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी में कचरा ठेका दिखावा बन गया है। मंडी प्रांगण में कचरे का अंबार है। आलम यह है कि मंडी में बारिश के दौरान यह कचरा दुर्गंध पैदा कर रहा है, जिससे आने वाले ग्राहक जैसे-तैसे खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, व्यापारियों का कहना है कि यहां कचरा उठता नहीं है। सिर्फ दिखाने के लिए मंडी कार्यालय के आसपास सफाई कर दी जा रही है।
कृषि उपज मंडी में कचरे पर लाखों रूपए फूंके जा रहे हैं लेकिन हालात जस के तस हैं। ठेकेदार की मिलीभगत से यहां काम नहीं हो रहा है। मंडी के सब्जी मंडी, फल मंडी, अनाज मंडी, टमाटर मंडी में बारिश का पानी गिरने से इस जमा कचरे से दुर्गंध आ रही है, जिससे लोग परेशान हो चुके हैं।
ढेर लगाकर छोड़ा जा रहा कचरा
मंडी के जानकार कहते हैं कि यहां कचरे का ढेर लगाकर उसे छोड़ दिया जा रहा है। इससे हो यह रहा है कि कचरे में सब्जी-फल होने की वजह से सड़ाध्र से पानी का रिसाव हो रहा है और यह पानी यहां फैल रहा है।
हवा-पानी से फैल रहा वेस्ट
मंडी प्रांगण में कचरा फेकने के लिए जगह-जगह ब्लॉक बनाएहुए हैं लेकिन कचरा उसमें नहीं फेका जा रहा है। कचरे का ढेर होने से यहां हवा-पानी से वेस्ट फैल रहा है। उधर, यह भी देखा जा रहा है कि यहां आवारा जानवरों की मौजूदगी में यह वेस्ट और फैल रहा है।
- कचरे की मॉनीटरिंग की जाती है। हो सकता है कि कचरा उठा नहीं हो। इसे दिखवाया जाएगा।
आरके सैय्याम, मंडी सचिव, कृषि उपज मंडी

