जबलपुर। मध्य प्रदेश पटवारी संघ की जबलपुर इकाई ने शासन स्तर पर लंबित मांगों का निराकरण न होने पर सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। जिलेभर के पटवारी मैदानी कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। इस आंदोलन में जबलपुर, रांझी, पाटन, सिहोरा, पनागर, कुंडम, शहपुरा और मझौली समेत जिले की सभी तहसीलों के पटवारी शामिल हुए हैं। लंबे समय तक संवाद और शांतिपूर्ण प्रयास करने के बावजूद शासन स्तर से कोई ठोस निर्णय न आने के कारण संवर्ग में गहरा असंतोष है। कैडर रिव्यू लागू करने, पदोन्नति, समयमान वेतनमान और विभागीय परीक्षा जैसी प्रमुख मांगों को लेकर यह बड़ा कदम उठाया गया है।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे पटवारी
जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पटवारी सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हो गए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू कर दिया। संघ का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहेगी और कोई भी पटवारी अपने काम पर वापस नहीं लौटेगा।
राजस्व कार्य ठप होने से बढ़ी मुश्किलें
पटवारियों के काम बंद करने से जिलेभर में राजस्व विभाग के जरूरी काम पूरी तरह से ठप हो गए हैं। किसानों का फसल गिरदावरी, भूमि का नामांतरण, सीमांकन और आपसी बंटवारे का काम रुक गया है। इसके अलावा जाति, आय और मूल निवासी प्रमाण-पत्र के लिए आवश्यक पटवारी प्रतिवेदन समय पर न मिलने से आम नागरिकों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
