यह कार्रवाई शहर के पुष्करणी पार्क के पास स्थित कॉलोनी में संचालित फर्म गायजेक प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी दो अन्य फर्मों पर की गई। जीएसटी अधिनियम की धारा ६७ के तहत कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को जब्त किया गया है। जांच के बाद टीम सभी दस्तावेजों को अपने साथ जबलपुर ले गई। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि सेंट्रल जीएसटी के स्थानीय कार्यालय को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबलपुर सेंट्रल जीएसटी के आधा दर्जन से अधिक अधिकारी इस टीम में शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, गायजेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। इसी पते पर खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड और स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड नामक दो अन्य फर्मों की भी जांच की गई है। इन तीनों फर्मों के निदेशक एक ही हैं और ये सभी एक ही पते से संचालित हो रही थीं। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में ३०० करोड़ रुपए के कर अपवंचन का अनुमान है। जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।