ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नाजिया इलाही खान द्वारा सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इस्लाम धर्म, हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम और हजरत आयशा रदियल्लाहो अन्हा के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणियां की गईं, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द एवं धार्मिक सद्भाव के लिए नुकसानदायक हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि देश में पहले भी धार्मिक व्यक्तित्वों के विरुद्ध की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी धर्म अथवा समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस अवसर पर शहर काजी रीवा मुफ्ती मुहम्मद मुबारक अजहरी सहित मुस्लिम समाज के कई प्रतिनिधियों ने ज्ञापन का समर्थन करते हुए धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।