जबलपुर। दवा दुकानों पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जहां नियमों के उल्लंघन पर 6 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और 1 दुकान का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने यह औचक निरीक्षण किया। इस दौरान औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी देवेंद्र कुमार जैन के आदेश पर आर. पी. मेडिकोज भेड़ाघाट, न्यू गंगा मेडिकोज राइट टाउन, संजीवनी मेडिकल्स भेड़ाघाट, आयुष ड्रग स्टोर बिजौरी, मोही डिस्ट्रीब्यूटर्स घमापुर और विक्रांत इंटरप्राइजेज दवा बाज़ार सिविक सेन्टर को नोटिस थमाया गया, जबकि संतोषजनक जवाब न देने पर न्यू गुरुकृपा मेडिकल गंगा नगर का लाइसेंस रद्द हुआ।
जांच के दौरान मिलीं गंभीर गड़बड़ियां
औषधि निरीक्षक की जांच में दवा दुकानों पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट गायब मिले। इसके अलावा दुकानों में दवाओं के खरीदने और बेचने का कोई सही रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था। लाइफ सेविंग और अन्य दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी फ्रीज या सही तापमान की व्यवस्था भी नहीं थी। सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि मेडिकल स्टोर्स पर नशीली दवाओं (नारकोटिक्स) और गर्भपात किट (एबॉर्शन किट) का स्टॉक रजिस्टर से बिल्कुल अलग मिला। दुकानों में एक्सपायरी दवाएं भी सामान्य दवाओं के साथ बिक्री के लिए रखी थीं, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 का सीधा उल्लंघन है।
लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख
इस बड़ी लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नोटिस पाने वाली सभी 6 दुकानों को तय समय में अपनी सफाई देने को कहा है। जवाब सही न होने पर इनके लाइसेंस भी बंद किए जा सकते हैं। वहीं न्यू गुरुकृपा मेडिकल द्वारा पहले दिए गए नोटिस का सही जवाब नहीं देने पर नियम 66(1) के तहत उसकी दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया गया। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे जब भी किसी दुकान से दवा खरीदें, तो उसका पक्का बिल जरूर मांगें। साथ ही, अगर कहीं नशीली दवाओं की अवैध बिक्री हो रही हो, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
