जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 46 नव-नियुक्त सहायक अभियंताओं ने महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट से अपना विशेष प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस 12 सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए इंजीनियरों को बिजली पारेषण और ग्रिड प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था। इस प्रशिक्षण के बाद अब ये सभी अभियंता मैदानी स्तर पर अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
बिजली पारेषण और ग्रिड प्रबंधन की बारीकियां सीखीं
प्रशिक्षण के दौरान वर्ष 2025 के ए बैच के इन अधिकारियों को बिजली की पारेषण प्रणाली, सबस्टेशन संचालन, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की बारीक जानकारियां दी गईं। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सही निर्णय लेने का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया गया। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण से इंजीनियरों की तकनीकी क्षमता मजबूत होगी, जिससे राज्य की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
चुनौतियों से निपटने और निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर
एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने सभी सफल इंजीनियरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान से मिले ज्ञान का उपयोग कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ाने और मध्यप्रदेश में बिना रुकावट के गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में किया जाएगा। इस तरह के प्रशिक्षण से नए इंजीनियर वैश्विक कार्यप्रणालियों को सीखकर भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे और अपनी ऊर्जा व नए विचारों से कंपनी को आगे बढ़ाएंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में पूरा हुआ कार्यक्रम
नागपुर में आयोजित इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही। अधीक्षण अभियंता सुनील यादव और प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी व अधीक्षण अभियंता नवीन पांडे ने पूरी अवधि के दौरान लगातार निगरानी रखी। इन अधिकारियों के आपसी तालमेल और मार्गदर्शन के कारण ही सभी नए सहायक अभियंताओं को उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सका।
