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लोकगायिका सौम्या त्रिपाठी मिश्र को मिलेगा लोकगंधर्व सम्मान

पंडित रुद्रदत्त दुबे

गायिका सौम्या त्रिपाठी मिश्र

जबलपुर। शिक्षाविद और साहित्यकार अजय शर्मा गूंज द्वारा स्थापित अंतर्राष्ट्रीय कला मंच ने इस वर्ष के प्रतिष्ठित लोकगंधर्व पण्डित रुद्रदत्त दुबे जीवंत सम्मान की घोषणा कर दी है। वर्ष 2026 के लिए यह सम्मान लोकसंगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली गायिका सौम्या त्रिपाठी मिश्र को दिया जाएगा। सम्मान समिति के संरक्षक डा. बैजनाथ गौतम की अध्यक्षता और गूँज मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष तिवारी की उपस्थिति में आयोजित अलंकरण कार्य समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक आरके दुबे भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। भारतीय स्तर पर पहचाने जाने वाले इस सम्मान के माध्यम से लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन का प्रयास किया जाता है। पिछले वर्ष यह सम्मान ग्वालियर दतिया की प्रसिद्ध लोक गायिका रजनी अरजरिया को प्रदान किया गया था।

​गरिमामयी समारोह में होगा अलंकरण

​गूँज की संस्थापक माधुरी उमेश मिश्रा के अनुसार यह सम्मान प्रतिवर्ष देश के किसी एक उत्कृष्ट लोक कलाकार को प्रशस्ति पत्र और नकद राशि के रूप में प्रदान किया जाता है। आगामी 20 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में सौम्या मिश्र को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार समारोह का आरंभ लोकसंगीत विशेषज्ञ डॉ. बैजनाथ गौतम और संगीत विदुषी डॉ. शिप्रा सुल्लेरे द्वारा प्रस्तुत आवाहन गीत से होगा। इसके पश्चात मुख्य आकर्षण के रूप में सौम्या मिश्र बुंदेलखंड अंचल में प्रचलित लोकगीतों की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुति देंगी।

​लोक कला के प्रति समर्पण का प्रतिफल

​सौम्या मिश्र का चयन उनके लोक संगीत के प्रति निरंतर समर्पण और क्षेत्रीय कला को राष्ट्रीय पटल पर लाने के प्रयासों के आधार पर किया गया है। समिति के सदस्यों ने उनके गायन कौशल और लोक विधाओं की शुद्धता को बनाए रखने की सराहना की है। आयोजन समिति ने समारोह की तैयारी पूर्ण कर ली है जिसमें कला और साहित्य जगत की कई विभूतियों के सम्मिलित होने की संभावना है। यह सम्मान बुंदेली लोक संस्कृति की जीवंतता को बनाए रखने वाले साधकों को प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

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