जबलपुर में पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ जन गोष्ठी आयोजित
जबलपुर। जबलपुर महानगर के विद्या भारती शिक्षा परिषद परिसर में मातृशक्ति प्रमुख जन गोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्रीमती अंजली पालो उपस्थित रहीं, जिनसे उपस्थित जनों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत शरण सिंह ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित की जा रही श्रृंखलाबद्ध गोष्ठियों का एक हिस्सा था। संगोष्ठी के दौरान वैश्विक स्तर पर हो रहे वैचारिक बदलावों, उनके सामाजिक प्रभावों और संभावित समाधानों पर विस्तृत विमर्श किया गया।
पंच परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का संकल्प
गोष्ठी का प्राथमिक लक्ष्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रबुद्ध नागरिकों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करना रहा। चर्चा के केंद्र में पांच प्रमुख परिवर्तन बिंदु रहे, जिनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी जीवनशैली, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। वक्ताओं ने इन माध्यमों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया। इसके साथ ही संघ की 100 वर्षों की यात्रा, वर्तमान सेवा कार्यों और भविष्य के लक्ष्यों को भी रेखांकित किया गया। परिवार संस्था को मजबूती प्रदान करने, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास के लिए कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
प्रबुद्ध वर्ग की सहभागिता और भविष्य की रूपरेखा
इस गोष्ठी के माध्यम से समाज के विभिन्न व्यवसायों से जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों के सुझाव साझा किए गए। आयोजन का उद्देश्य इन अनुभवों के आधार पर समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ना है। वक्ताओं ने आग्रह किया कि भारत को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए। स्वदेशी के प्रति आग्रह और नागरिक कर्तव्यों के पालन को सामाजिक सुधार का आधार बताया गया। इस संगोष्ठी ने प्रबुद्ध मातृशक्ति को सामाजिक सुधारों के लिए एक मंच प्रदान किया।

