जबलपुर। मध्य प्रदेश में रबी विपणन सत्र के दौरान गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के किसानों की सुविधा और निरंतर आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की निर्धारित समय सीमा में 6 दिन की बढ़ोतरी की गई है। इस विस्तार के बाद अब राज्य के किसान अपनी सुविधानुसार 30 अप्रैल तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज आसानी से बेच सकें और कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
उपार्जन केंद्रों की तौल क्षमता में 500 क्विंटल का इजाफा
किसानों को केंद्रों पर भीड़ से बचाने और गेहूं की तुलाई प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार ने केंद्रों की कार्यक्षमता में भी बड़ा बदलाव किया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की अधिकतम सीमा 1,000 क्विंटल निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 1,500 क्विंटल कर दिया गया है। क्षमता में इस वृद्धि से केंद्रों पर प्रतिदिन 500 क्विंटल अतिरिक्त गेहूं की आवक और तौल संभव हो सकेगी। इस कदम से केंद्रों पर लगने वाली किसानों की लंबी कतारों में कमी आएगी और कम समय में अधिक मात्रा में अनाज का उपार्जन पूरा किया जा सकेगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्रों की क्षमता के अनुसार ही स्लॉट आवंटित होंगे ताकि अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।
