महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश कोल ने बताया कि घटना 11 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम खजरी स्थित नर्मदा गौशाला में हुई थी। सुनील कोरी और विजय मेहरा के साथ कथित तौर पर प्रतीक पटेल, राहुल पटेल और अन्य कर्मचारियों ने प्लास्टिक पाइप और डंडों से मारपीट की थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। संगठन का आरोप है कि घटना के बाद जब पीडि़त अधारताल थाने पहुंचेए तो तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में महासंघ के हस्तक्षेप के बाद मामला तो दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस ने केवल मामूली धाराओं के तहत कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी। महासंघ ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ओर आरोपियों को डायल 112 वाहन से सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। वहीं दूसरी ओर घायल पीडि़तों को अपने इलाज के लिए भटकना पड़ा। संगठन ने कहा है कि आरोपी प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के हैंए जिसके कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। पीडि़त परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। आदिवासी उत्थान महासंघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएए एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएए ताकि पीडि़तों को न्याय मिल सके।