ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए मंत्री ने दिए कड़े निर्देश: भर्ती प्रक्रिया में तेजी और उपभोक्ता संतुष्टि पर जोर
जबलपुर। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने विभागीय योजनाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए पांचों बिजली कंपनियों को रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के आदेश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मई के अंत तक भर्ती के लिए विज्ञापन अनिवार्य रूप से जारी हो जाने चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार और विभाग को नया स्टाफ मिल सके। इसके साथ ही 132 केवी के स्वीकृत सबस्टेशनों के निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने की हिदायत दी गई।
ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकालें
बिजली आपूर्ति में होने वाले व्यवधानों को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मेंटेनेंस के बावजूद होने वाली ट्रिपिंग पर सवाल उठाते हुए इसके स्थायी निराकरण के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का सुझाव दिया जिसमें किसी एक फीडर को चुनकर उसमें तकनीकी सुधार के सभी उपाय किए जाएंगे। इस प्रयोग के सफल रहने पर इसे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। ग्रीष्मकाल और आगामी वर्षा ऋतु की चुनौतियों को देखते हुए पावर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
राजस्व वसूली में सख्ती, अधिकारियों की जवाबदेही तय
वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करने के लिए ऊर्जा मंत्री ने राजस्व वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि को इस वर्ष का मुख्य लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि बिल बकाया होने पर कार्रवाई के लिए लंबा इंतजार करना ठीक नहीं है, बल्कि पहले या दूसरे महीने में ही कदम उठाए जाने चाहिए ताकि उपभोक्ता पर बोझ न बढ़े। अच्छा प्रदर्शन न करने वाले मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों को मेंटेनेंस कार्यों की निरंतर निगरानी करने को कहा। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले इंजीनियरों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई। राजस्व बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त कर्मियों की सेवाएं लेने और विभागीय भवनों में विज्ञापन के लिए स्थान देने के विकल्पों पर भी विचार किया गया।
गलत बिलिंग पर रोक और जनसुनवाई के माध्यम से निराकरण
उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने गलत और फर्जी बिलिंग की समस्या को जड़ से खत्म करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वितरण केंद्र और संभाग स्तर पर नियमित जनसुनवाई शिविर लगाए जाएं ताकि मौके पर ही शिकायतों का समाधान हो सके। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर अधिकारों के विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। सोलर रूफटॉप योजना में आ रही बाधाओं को दूर करने और लापरवाही बरतने वाले वेंडरों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। लोक सेवा गारंटी के तहत आने वाले कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करना अनिवार्य होगा।
नई ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा की
आगामी सिंहस्थ को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने इससे संबंधित सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा पावर जनरेटिंग कंपनी की नई इकाइयों, सोलर प्लांट और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स की प्रगति का जायजा लिया गया। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी अजय गुप्ता, एमडी ऋषि गर्ग, एमडी अनूप सिंह, एमडी सुनील तिवारी और एमडी मनजीत सिंह उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी-अपनी कंपनियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
