जबलपुर। गोराबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत साइबर जालसाजों ने एक वृद्ध को अपना शिकार बनाते हुए उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये की राशि पार कर दी। ठगी की यह वारदात योनो एप को अपडेट करने और उसके एक्सपायर होने का झांसा देकर अंजाम दी गई है। पीड़ित ने इस संबंध में थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक अनंततारा क्षेत्र में रहने वाले 62 वर्षीय प्रभाकर मोहिते एक निजी आवास में वेटर के रूप में कार्यरत हैं। उनके साथ हुई इस घटना ने डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षा पहलुओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब उस तकनीकी सुराग की तलाश कर रही है जिसके जरिए आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
जालसाजों ने बैंक अधिकारी बनकर बिछाया जाल
प्रभाकर मोहिते के साथ ठगी की यह पूरी प्रक्रिया इक्कीस फरवरी की दोपहर को शुरू हुई थी। उस समय वे अपने मोबाइल फोन पर भारतीय स्टेट बैंक के डिजिटल बैंकिंग एप योनो का उपयोग करने का प्रयास कर रहे थे। तकनीकी कारणों से उनका एप संचालित नहीं हो पा रहा था और इसी दौरान उनके मोबाइल की स्क्रीन पर योनो एप से संबंधित कुछ विज्ञापन दिखाई देने लगे। कुछ ही समय पश्चात उनके पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं की पहचान बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में दी और बताया कि वृद्ध का योनो एप वर्तमान में एक्सपायर हो चुका है। जालसाज ने वृद्ध का विश्वास जीतने के लिए काफी पेशेवर तरीके से बात की और उन्हें झांसा दिया कि यदि एप को तुरंत अपडेट नहीं किया गया तो उनका बैंक खाता भी ब्लॉक हो सकता है। इसके बाद आरोपी ने अपने किसी कथित वरिष्ठ सहयोगी से बात कराने का बहाना बनाया और कॉल को जावेद नामक व्यक्ति के पास स्थानांतरित कर दिया।
लिंक के माध्यम से मोबाइल हैक कर निकाली राशि
कथित वरिष्ठ अधिकारी जावेद ने प्रभाकर मोहिते को निर्देश दिया कि एप को पुनः सक्रिय करने के लिए उनके व्हाट्सऐप नंबर पर एक विशेष लिंक भेजा जा रहा है। जैसे ही पीड़ित ने अपने मोबाइल पर आए उस प्राप्त लिंक पर क्लिक किया उनका फोन पूरी तरह जालसाजों के नियंत्रण में चला गया। लिंक क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही मिनटों के भीतर उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये की राशि किसी अन्य खाते में स्थानांतरित कर दी गई। राशि कटने का संदेश मोबाइल पर प्राप्त होते ही पीड़ित के होश उड़ गए और उन्हें इस बात का आभास हुआ कि वे साइबर अपराध का शिकार हो चुके हैं। इसके तत्काल बाद प्रभाकर मोहिते ने गोराबाजार थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सेल की मदद से उस बैंक खाते की जानकारी निकाली है जिसमें चोरी की गई राशि भेजी गई थी। फिलहाल पुलिस टीम संदिग्ध मोबाइल नंबरों और बैंक ट्रांजैक्शन के विवरण के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने और उनकी पहचान उजागर करने के प्रयासों में जुटी हुई है।
