जबलपुर। भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 45 (पुराना एनएच-12) पर शहपुरा रेलवे लाइन के पास नवनिर्मित ओवरब्रिज गिरने के मामले में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने सख्त कदम उठाया है। विभाग की शिकायत पर पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनियों और उनके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जालसाजी और लापरवाही की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
घटिया सामग्री का उपयोग और मानकों की अनदेखी
सड़क विकास निगम द्वारा थाना शहपुरा में दर्ज कराई गई शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि पुल के निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण करने वाली फर्म ने ब्रिज बनाने में न केवल अनुपयुक्त और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, बल्कि विभाग द्वारा दिए गए तकनीकी निर्देशों और सुरक्षा मानकों की भी सरेआम अवहेलना की। ब्रिज की मजबूती और भविष्य की सुरक्षा को ताक पर रखकर किए गए इस कार्य को विभाग ने 'घोर लापरवाही' की श्रेणी में रखा है।
इन कंपनियों और अधिकारियों पर गिरी गाज
इस मामले में पुलिस ने सड़क निर्माण करने वाली प्रमुख फर्म वागड़ इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सोरथिया वेल्जी रतना (जे.वी.) कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विनोद जैन (बांसवाड़ा, राजस्थान) और प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए जिम्मेदार मेसर्स आईसीटी प्राइवेट लिमिटेड (नई दिल्ली) के टीम लीडर हुकुम सिंह परमार व अन्य सहयोगियों को भी नामजद किया गया है। पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
