इस संबंध में जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद में सफाई कर्मी लालजी ने अपना फंड रिलीज करने के लिए आफिस में आवेदन दिया था। जिसपर लिपिक एस शर्मा द्वारा 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। सौदा तय होने पर लिपिक ने 20 हजार रुपए पहले ही ले लिए, इसके बाद पांच हजार रुपए की मांग कर रहा था। सफाई कर्मी ने इस बात की शिकायत ईओडब्ल्यू एसपी से की। इसके बाद आज सफाई कर्मी लालजी ने आफिस पहुंचकर बाबू एस शर्मा को पांच हजार रुपए की रिश्वत दी। तभी ईओडब्ल्यू की टीम के अधिकारियों ने दबिश देकर बाबू एस शर्मा को रंगे हाथ पकड़ लिया। ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़ते ही बाबू एस शर्मा रुपए फेंककर दूर खड़ा हो गया, यहां तक अधिकारियों से विवाद करने लगा। जिसे अधिकारियों ने समझाइश देते हुए शांत कराया। खबर है कि आरोपी लिपिक एस शर्मा मूल रुप से शिक्षक है लेकिन वह नगर परिषद में लिपिक का काम देख रहा था। बाबू एस शर्मा के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबर से परासिया स्थित नगर परिषद के कार्यालय में हड़कम्प मचा रहा।
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