जबलपुर। शहर के लॉर्डगंज थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश और गलतफहमी के चलते एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक निजी अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी राजाराम विश्वकर्मा पर चार से पांच बदमाशों ने लोहे की स्टील रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले काम के बहाने राजाराम को अस्पताल के बाहर बुलाया और फिर उन पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। इस हमले में राजाराम को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुरानी रंजिश और मुखबिरी का शक बना हमले का कारण
घायल राजाराम के पुत्र सतीश विश्वकर्मा के अनुसार, यह पूरी घटना पुरानी रंजिश और एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। बताया जा रहा है कि लगभग एक वर्ष पूर्व राजाराम के छोटे बेटे संदीप विश्वकर्मा के साथ एक चोरी की वारदात हुई थी, जिसमें वह जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद संदीप शांतिपूर्ण जीवन जी रहा था। इसी बीच, आरोपी शिवम जायसवाल भी चोरी के एक अन्य मामले में जेल गया था। आरोपियों को यह गलतफहमी हो गई कि राजाराम और उनके बेटे ने पुलिस के लिए मुखबिरी की है, जिसके कारण शिवम को जेल जाना पड़ा। इसी शक के आधार पर विक्की उर्फ विकास रजक, शिवम जायसवाल और उनके साथियों ने मिलकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया।
CCTV में कैद हुई वारदात, पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस बर्बर हमले में राजाराम के हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर फ्रैक्चर और चोटें आई हैं। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उनका इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया है, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर सरेराह रॉड से वार करते साफ नजर आ रहे हैं। लॉर्डगंज पुलिस ने परिजनों की शिकायत और वीडियो साक्ष्य के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।
