जबलपुर. रेलवे का सतपुड़ा क्लब सामने तो काफी भव्य व चमकदार नजर आता है, लेकिन इसके पीछे का चेहरा काफी गंदा व बदबूदार है. यहां होने वाली शादी-पार्टी का बचा खाना पीछे नालियों व सड़कों में बहाया जाता है, जिससे यहां स्थित टैगोर रेल कॉलोनी के वाशिंदे बदबू व गंदगी से लगातार परेशान हैं. इनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है.
उल्लेखनीय है कि रेलवे का सतपुड़ा क्लब शहर के प्रतिष्ठित क्लबों में शुमार है. यहां की बुकिंग कराना भी काफी महंगा है. जिसका कारण इस क्लब की भव्यता व आकर्षक होना माना जाता है, किंतु इसके पीछे का भी एक गंदा चेहरा है जो इस क्लब के आसपास रहने वाले रेल कर्मचारी ही समझ रहे हैं.
सफाई के बाद जूठन नालियों में फेंक रहे
बताया जाता है कि शादी-पार्टी के बाद बर्तनों की साफ-सफाई व जो जूठन बचता है यहां के कर्मचारी उसे नाली में बहा देते हैं, जो ओवरफ्लो होकर कालोनी की सड़कों में बह रहा है व सड़ांध मार रहा है, जिससे लोगों का यहां रहना दूभर होता जा रहा है.
एक्जाम का समय देर रात तक डीजे की धमक
क्षेत्रीय रेल कर्मचारियों का कहना है कि वे इस कालोनी में रहकर परेशान हो चुके हैं. गंदगी, बदबू के साथ-साथ देर रात तक क्लब में बजने वाले डीजे ने सोना, खाना तक हराम करके रखा हुआ है. बच्चों की पढ़ाई तक मुश्किल हो चुकी है. इस क्लब में प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा आयोजन किया जाता है, जिसका विरोध भी छोटे कर्मचारी नहीं कर पा रहे हैं.
प्रशासन से की ये अपील
टैगोर कालोनी के नागरिकों का रेल प्रशासन से यही आग्रह है कि शादी-पार्टी की जूठन को नाली में नहीं फेंका जाये, उससे सड़ांध व दुर्गंध पैदा हो रही है, जो संक्रामक बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है. वहीं नियमानुसाक डीजे को रात 10 बजे तक बंद कराया जाये, ताकी बच्चे सुकून के साथ अपनी पढ़ाई कर सकें, वहीं रात भर रेल ड्यूटी करके आने वाले कर्मचारी भी चैन की नींद सो सकेें.

