जबलपुर में 382 करोड़ के 34 निर्माण कार्यों को बजट में मिली मंजूरी : पीडबलूडी मंत्री राकेश सिंह

 विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगा प्रदेश का बजट-  

जबलपुर। प्रदेश का बजट विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बजट में क्षेत्र के समग्र विकास, निवेश प्रोत्साहन और बेहतर जीवन गुणवत्ता की दिशा को साकार करने के प्रावधान किये गए है, यह बात मप्र के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अभ्युदय मप्र बजट 2025-26 विषय पर पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए होटल नर्मदा जेक्शन सिविल लाइन में कही। उन्होंने कहा कि जबलपुर जिले में 382 करोड़ के 34 निर्माण कार्यों को बजट में मंजूरी मिली है.

पत्रकार वार्ता में महानगर जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, विधायक अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकडे, जिप अध्यक्ष आशा गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज, मीडिया प्रभारी श्रीकांत साहू, सह मीडिया प्रभारी रवि शर्मा, नितिन भाटिया उपस्थित थे।

लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा मध्य प्रदेश की वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा जी ने दिनांक 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 के ?4.21 लाख करोड़ की तुलना में लगभग 4.0 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2026-2027 के लिए राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

मंत्री श्री सिंह ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश में चार जातियों का उल्लेख किया है और श्री मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के बजट में इन चार जातियों जिन्हे हम द्द4ड्डठ्ठ कहते है उनके उत्थान की दिशा में केंद्र का बजट पेश किया गया इसीलिए तरह मध्य प्रदेश बजट 2026-27 का बजट ज्ञान-2 (ज्ञानी) के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के साथ-साथ औद्योगिकीकरण एवं अधोसंरचना को भी जोड़ा गया है। इस प्रकार, रोजग़ार सृजन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और दीर्घकालिक विकास अब बजट की केंद्रीय धुरी होंगे।

लोक निर्माण से लोक कल्याण के लक्ष्य को साकार करता बजट

लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने कहा लोक निर्माण से लोक कल्याण के लक्ष्य को साकार करते हुए प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्य निरंतर गति पकड़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 2,190 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन, 992 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण तथा 30 पुलों एवं रेलवे ओवर ब्रिजों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा इसके अतिरिक्त लगभग 3,000 करोड़ लागत के प्रमुख कार्य पूर्ण हुए हैं, जिनमें सिक्स लेन कोलार रोड,  भोपाल में गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक फ्लाईओवर तथा मप्र का सबसे बड़ा मदनमहल से  दमोहनाका तक लगभग 11 सौ करोड़ की लागत का एलीवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं।

श्री सिंह कहा प्रदेश में वर्तमान में 111 रेलवे ओवर ब्रिजों के साथ अटेर–जेतपुर मार्ग पर चंबल नदी पर उच्च स्तरीय पुल, भोपाल के संत हिरदाराम नगर में एलीवेटेड कॉरिडोर, ग्वालियर में स्वर्ण रेखा नदी पर एलीवेटेड कॉरिडोर, इंदौर में एलीवेटेड कॉरिडोर, उज्जैन में फोर लेन एलीवेटेड कॉरिडोर तथा महाकाल रोप-वे जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं।

उन्होंने बताया सड़क अधोसंरचना के तीव्र एवं गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए राज्य में हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल अपनाया गया है। विगत दो वर्षों में इस मॉडल के अंतर्गत ?12,676 करोड़ की अनुमानित लागत वाली सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

श्री सिंह ने कहा क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना के अंतर्गत 1,766 पुल एवं पुलियों के निर्माण हेतु 4,572 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है, जिसके लिए वर्ष 2026-27 में 900 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। वर्ष 2026-27 में सड़कों एवं पुलों के निर्माण तथा संधारण के लिए 12,690 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जबलपुर में 382 करोड़ के 34 निर्माण कार्यों को बजट में स्वीकृति

मंत्री श्री सिंह कहा  इस बजट में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत जबलपुर जिले के लिए कुल 34 निर्माण कार्यों को सम्मिलित किया गया है, जिनकी कुल स्वीकृत लागत 382 करोड़ है। यह प्रावधान जिले की सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।

इन कार्यों में सबसे प्रमुख निर्माण कार्य महागवा- चरगवा - शहपुरा- पाटन- पौड़ी -कटंगी- मझौली मार्ग का है, जिसकी कुल लंबाई 102 किलोमीटर है तथा इसकी लागत 200 करोड़ है। उन्होंने कहा इसी प्रकार सिहोरा-मझौली-कटाव-गुबरा-तीरहा मार्ग के निर्माण को भी सम्मिलित किया गया है। 34 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग पर 5 करोड़ की लागत से कार्य किया जाएगा। 

जबलपुर शहर में भी अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती

उन्होंने कहा शहरी क्षेत्र में भी अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी गई है। मेहता पंप से अग्रसेन चौक होते हुए उखरी चौक तक तथा एकता चौक से अहिंसा चौक तक सीसी रोड निर्माण कार्य को भी सामिलित किया गया है, जिसकी कुल लागत ?17 करोड़ है।  श्री सिंह ने बताया जबलपुर जिले के अन्य कार्य जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया है उनमें - 

-  ग्राम छपरी भर्रा से सिमरिया तक 1.50 किमी लंबाई का सड़क निर्माण कार्य ?1.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  ग्राम मड़ोद से मुडिया मार्ग तक 1.10 किमी लंबाई की सड़क का निर्माण ?1.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  मुडिया से सीगनतलाई तक 2.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य ?2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-   ग्राम पंचायत धरमपुरा से नुनपुर होते हुए घुघरा (राम पथ गमन) मार्ग का 3.00 किमी लंबाई में निर्माण ?4.20 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  भमका से सिद्धघाट कुलोन मार्ग का 6.50 किमी लंबाई में निर्माण कार्य ?6.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  झण्डा चौक से परियट तक 1.00 किमी लंबा ग्रीन मार्ग ?2.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  दर्शन सिंह तिराहा से मस्ताना चौक तक 1.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण ?1.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  जबलपुर शहर के पंचशील नगर, गीता विहार एवं आजाद चौक क्षेत्र की सड़कों का 7.20 किमी लंबाई में सुदृढ़ीकरण ?7.25 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  जबलपुर शहर के ग्वारीघाट, ब्रजमोहन नगर एवं पुराने स्टेशन क्षेत्र की सड़कों का 6.30 किमी लंबाई में सुदृढ़ीकरण कार्य ?6.35 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  छत्तरपुर से चरखी पहुँच मार्ग का 1.50 किमी लंबाई में निर्माण ?2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  वीरनेर से आमाखोह तक 2.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य ?2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  छत्तरपुर रिंग रोड चौराहा से शाला भवन होते हुए निभोरा को जोडऩे हेतु 2.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण 2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  पनागर-मुडियापड़ौरा-सलैया मार्ग का 9.20 किमी लंबाई में निर्माण कार्य 7.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  धनपुरी-पड़वार-इमलई मार्ग का 5.00 किमी लंबाई में निर्माण ?4.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  रमखिरिया से चिकली देवरी पहुँच मार्ग का 5.00 किमी लंबाई में निर्माण कार्य ?4.75 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

-  चौराई-कऊझर-मोहनी-मड़ई-मकरार-उमरिया मार्ग का 8.00 किमी लंबाई में निर्माण ?5.40 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

श्री सिंह ने बताया हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के अंतर्गत जिन प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें - 

-   झिरिया-बधराजी-महगवां-खमतरा-विलायतकलां मार्ग (लंबाई 112 किमी),

-  रिछाई-तिलसानी-बधराजी-प्रतापपुर-सिहोरा-भीमखेड़ा मार्ग (लंबाई 114 किमी), 

-  पनागर-सिंगलद्वीप-मझौली-अभाना-वचौया-बहोरीबंद-स्लीमनाबाद मार्ग (लंबाई 79 किमी), तथा

-   बरगी नगर-भेड़ाघाट-उडऩा-सकरा मार्ग (लंबाई 74 किमी) शामिल हैं।

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