स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 बनेगा जबलपुर, मंदिरों के अर्पित फूलों से तैयार होंगे स्वदेशी उत्पाद
जबलपुर। नगर निगम जबलपुर स्वच्छता के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। 'कबाड़ से कमाल' की सफलता के बाद अब निगम ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को पुनर्चक्रित कर उनसे स्वदेशी उत्पाद बनाने की अनूठी पहल की है। महापौर श्री जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' ने कहा कि कचरे से खुशहाली की ओर बढ़ता यह कदम संस्कारधानी की होली को और भी खास बनाएगा। नगर निगम के जनप्रतिनिधियों ने आज मीडिया को जानकारी दी।
स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 बनने का लक्ष्य
महापौर श्री अन्नू ने विश्वास जताया है कि इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान में जबलपुर देश के अग्रणी शहरों में शामिल होकर नंबर 1 का स्थान हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा किए जा रहे नवाचार न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने में भी मील का पत्थर साबित होंगे।
'अर्पित' फूलों से महकेगा होली का त्यौहार
नगर निगम अब मंदिरों से निकलने वाले 'अर्पित' फूलों को कचरे में फेंकने के बजाय उनसे धूपबत्ती, अगरबत्ती और हर्बल गुलाल तैयार कर रहा है। महापौर ने बताया कि इस बार जबलपुर की होली इन्हीं प्राकृतिक रंगों और खुशबू से महकेगी, जिससे रसायनों के उपयोग में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जनभागीदारी से मिलेगी स्वच्छता को गति
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार और निगमाध्यक्ष रिकुंज विज ने बताया कि किसी भी अभियान की सफलता जनभागीदारी पर टिकी होती है। आगामी सर्वेक्षण के मापदंडों को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर नागरिकों का सहयोग लिया जा रहा है। इसी के साथ महापौर एवं निगमायुक्त ने सभी शहरवासियों और पत्रकार बंधुओं को होली की अग्रिम शुभकामनाएँ भी प्रेषित की हैं।
