जबलपुर। एमपी में बिजली के स्मार्ट मीटर को लेकर आम जन व कांग्रेस के विरोध के बाद भी विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं से 692 करोड़ रुपए की कमाई की है। जबलपुर संभाग की बात की जाए तो नरसिंहपुर में 57 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके है। इसी तरह भोपाल में 50 प्रतिशत लगाए जा चुके है।
खबर है कि कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में ऊर्जा मंत्री से स्मार्ट मीटर को लेकर सवाल पूछे। विधायक के सवाल पर ऊर्जा विभाग की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि स्मार्ट मीटर के कारण अकेले भोपाल और जबलपुर दो संभागों में 692 करोड़ के राजस्व की बढ़ोत्तरी हुई है। विधानसभा में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की जानकारी के अनुसारए भोपाल और जबलपुर संभागों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद न केवल बिजली चोरी के मामलों में कमी आई है। बल्कि सरकारी खजाने में भी राजस्व बढ़ा है। बिजली विभाग की आमदनी बढ़ी सरकारी आंकड़ों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने से दोनों संभागों की बिलिंग दक्षता में बड़ा सुधार हुआ है। जबलपुर संभाग में यहां बिलिंग एफिशिएंसी 73.77 प्रतिशत से बढ़कर 82.16 प्रतिशत हो गई है, जिससे राजस्व में 314 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। भोपाल संभाग में बिलिंग दक्षता 76.86 प्रतिशत से बढ़कर 81.57 प्रतिशत पर पहुंच गई हैए जिससे राजस्व संग्रहण 378 करोड़ बढ़ा। कुल मिलाकर स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली से सरकार को इन दो संभागों से 692 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है।
जबलपुर में 50 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके-
बताया गया है िक संभागवार प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अब तक गैर-कृषि उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। जबलपुर संभाग में कुल 26.55 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 50 प्रतिशत मीटर लगाए जा चुके हैं। जबलपुर जिले में सबसे अधिक 45 प्रतिशत व नरसिंहपुर में 57 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकिए भोपाल संभाग में कुल 16.84 लाख उपभोक्ताओं में से 30 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। जहां एक ओर राजस्व बढ़ा है वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं की शिकायतों में भी इजाफा हुआ है। मुख्य रूप से फास्ट रीडिंग और बिल ज्यादा आने की शिकायतें विभाग को मिलीं हुई हैं।
जबलपुर में सर्वाधिक शिकायतें-
जबलपुर में वर्ष 2023 से अब तक कुल 55822 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें से विभाग ने 55736 का निराकरण कर दिया है। जबकि 86 शिकायतें अब भी लंबित हैं। भोपाल संभाग में अब तक 2102 शिकायतें दर्ज की गई हैंए जिनमें से 2062 का निपटारा किया जा चुका है और 40 लंबित हैं।