जबलपुर। शहर की गोरखपुर तहसील में सामूहिक कार्य बहिष्कार के दौरान महिला पटवारियों को दफ्तर में रोककर जबरन राजस्व फाइलों का निपटारा कराने के आरोप पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। पटवारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पिपरे के नेतृत्व में सैकड़ों हड़ताली कर्मचारी कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार सहित स्थानीय राजस्व अधिकारियों पर महिला कर्मियों को बंधक बनाकर हड़ताल तुड़वाने का आरोप लगाते हुए उग्र नारेबाजी की। माहौल तनावपूर्ण होते ही पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और महिला कर्मचारियों को दफ्तर से बाहर निकलवाकर कई घंटों का गतिरोध शांत कराया।
दफ्तर में आईडी खुलवाकर निपटाई जा रही फाइलें
गोरखपुर तहसील कार्यालय के भीतर महिला कर्मचारियों को रोककर कामकाज कराए जाने की जानकारी मिलते ही पूरे जिले के विभिन्न सर्कलों से पटवारी एकत्र हो गए। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन पर मानसिक दबाव बनाया गया। हड़ताल की अवधि में उनकी सरकारी लॉगिन आईडी चालू करवाकर राजस्व दस्तावेजों को निपटाने के लिए विवश किया गया, जो सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है। कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि जब तक शासन स्तर पर उनकी लंबित मांगों का न्यायसंगत समाधान नहीं निकल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और किसी भी तरह का उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन पर टला बड़ा टकराव
बढ़ते जनाक्रोश और दफ्तर के घेराव को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित कर आश्वस्त किया कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी पर अनुचित दबाव नहीं बनाया जाएगा और पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से पड़ताल होगी। इसके बाद महिला कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसा कदम उठाया गया तो पूरे जिले में आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा।
