महिला ने लगाए पुलिस पर गम्भीर आरोप,जब पीड़िता को थाने से उचित न्याय नहीं मिला तो उसने अपनी समस्या को प्रदेश स्तर पर शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई
जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्र में शासन की महत्वपूर्ण सीएम हेल्पलाइन सेवा की विश्वसनीयता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। मध्यप्रदेश शासन द्वारा आम जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए बनाई गई इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। न्यू शास्त्री नगर में रहने वाली एक महिला ने तिलवारा पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने और शिकायतकर्ता को ही प्रताड़ित करने के संगीन आरोप लगाए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग के भीतर और आम जनता के बीच व्यापक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शासन की मंशा के विपरीत पुलिस की यह कार्यशैली लोगों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।
क्षेत्र में आरोपी का आतंक और पुलिस मौन
न्यू शास्त्री नगर निवासी तुलसी ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया है कि उनके घर के सामने रहने वाला शिवा चक्रवर्ती लंबे समय से मोहल्ले के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। शिकायत के अनुसार शिवा चक्रवर्ती आए दिन शराब के नशे में धुत होकर गाली-गलौज करता है और महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास करता है। पीड़िता तुलसी ठाकुर ने इस संबंध में तिलवारा थाने में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई थीं। उनका आरोप है कि पुलिस ने इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपी शिवा चक्रवर्ती के विरुद्ध कोई भी ठोस दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की। पुलिस की इस ढिलाई के कारण आरोपी के हौसले और अधिक बुलंद हो गए जिससे उसने पीड़िता और उसके परिवार को धमकाना जारी रखा।
-उल्टे शिकायतकर्ता के परिवार पर कार्रवाई
मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित महिला ने अपने साथ हो रही बदसलूकी की जानकारी अपने पति को दी। जब महिला के पति ने आरोपी की हरकतों का विरोध किया और उसे समझाने का प्रयास किया तो पुलिस ने न्याय संगत कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि तिलवारा थाना पुलिस ने महिला के पति को थाने बुलाया और वहां उन्हें करीब चार घंटे तक बिना किसी ठोस कारण के बिठाए रखा। इसके पश्चात पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने के स्थान पर शिकायतकर्ता के पति के खिलाफ ही धारा 107 और 116 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर दी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर गोरखपुर स्थित एसडीएम कोर्ट में पेश किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी शिवा चक्रवर्ती के प्रभाव में आकर यह कदम उठाया है ताकि वह अपनी शिकायतें वापस ले लें।
-आरक्षक पर ओटीपी के जरिए शिकायत बंद कराने का आरोप
जब पीड़िता को थाने से उचित न्याय नहीं मिला तो उसने अपनी समस्या को प्रदेश स्तर पर शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद थाने में पदस्थ आरक्षक राजेश परते की भूमिका पर गंभीर आरोप लगे हैं। महिला का कहना है कि आरक्षक राजेश परते ने कथित रूप से आरोपी शिवा चक्रवर्ती के इशारे पर कार्य करते हुए उसे थाने बुलवाया। वहां आरक्षक ने महिला के मोबाइल फोन को लेकर चालाकी से ओटीपी हासिल किया और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत को स्वयं ही बंद कर दिया। पीड़िता के अनुसार यह सीधे तौर पर प्रशासनिक धोखाधड़ी है और उसकी आवाज को दबाने का प्रयास है। स्थानीय निवासियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि तिलवारा थाना पूरी तरह से आरोपी के प्रभाव में काम कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
