Home / railway / चार साल में पमरे का हुआ कायाकल्प, करोड़ों के हुए विकासकार्य, हासिल की गई कई उपलब्धियां

चार साल में पमरे का हुआ कायाकल्प, करोड़ों के हुए विकासकार्य, हासिल की गई कई उपलब्धियां

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल के द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुगम रेल संचालन के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। रेल प्रशासन द्वारा विगत वर्ष 2014-2018 तक कई यात्री सुविधा के कार्य कराए गए हैं, वहीं कई उपलब्धियां हासिल की गई हैं। करोड़ों के विकास कार्य कराए गए हैं, वहीं वर्तमान में जीएम अजय विजयवर्गीय के नेतृत्व में इनका क्रम जारी है।

  1. यात्री टिकिट सुविधा केन्द्र (वाईटीएसके)- पश्चिम मध्य रेल में विगत वर्षों से यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करते हुये कुल दो यात्री टिकिट सुविधा केन्द्र स्थापित किये गये है जिसमें आरक्षित एवं अनारक्षित टिकिट बुक कर सकते हैं। यह सुविधा जबलपुर एवं भोपाल में एक-एक दी गयी है।
  2. ऑटोमेटिक टिकट वेन्डिंग मशीन (एटीवीएम)-विगत चार वर्षो में पश्चिम मध्य रेल में 46 स्टेशनों पर 104 एटीवीएम मशीने लगाई गयी है। जिससे यात्रियों को अनारक्षित टिकिट लेने में सुविधाजनक होती हैं और भीड़ से निजात तथा समय की बचत होती है। एटीवीएम मशीन पर टिकिट वितरण के लिए सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी को ही सुविधा दी गयी है।
  3. यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस)-विगत चार वर्षो में पश्चिम मध्य रेल में 54 कम्प्यूटर आरक्षण केन्द्र स्थापित किये गये है। जिसमें आरक्षण केन्द्र जबलपुर-19, भोपाल-19 एवं कोटा-16 बनाये गये है। जिसमें 23 नॉन रेल हेड लोकेशनों में भी यह सुविधा सम्मिलित है।
  4. अनारक्षित टिकिट प्रणाली (यूटीएस)-विगत 4 वर्षो में अब तक कुल 202 स्टेशनों पर यह सुविधा चालू है। जिसमें तीनों मंडल जबलपुर-74, भोपाल-59 एवं कोटा-69 स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गयी है।
  5. अनारक्षित टिकिट प्रणाली सह-यात्री आरक्षण प्रणाली (यूटीएस-कम-पीआरएस)- विगत 4 वर्षो में पश्चिम मध्य रेल में 64 लोकेशनों पर यह सुविधा उपलब्ध है। तीनों मंडलों में जबलपुर-24, भोपाल-21 एवं कोटा-19, स्टेशनों पर आरक्षित एवं अनारक्षित टिकिट एक ही खिड़की से प्राप्त कर सकते हैं।
  6. जनसाधारण टिकिट बुकिंग प्रणाली(जेटीबीएस)- यह सुविधा पश्चिम मध्य रेल के 19 स्टेशनों पर 42 जेटीबीएस कार्य कर रहे हैं।
  7. मोबाईल टिकटिंग (यूटीएस एप)- इस मोबाईल एप के माध्यम से यूटीएस टिकिट को भारतीय रेल के किसी भी स्टेशन के अनारक्षित टिकिट बुक कर सकते हैं।
  8. स्टेशन टिकिट बुकिंग एजेंट (एसटीबीए)-पश्चिम मध्य रेल के तीनों मंडल में कुल 52 एसटीबीए की सुविधा दी गयी हैै जिसमें जबलपुर-15, भोपाल-22 एवं कोटा-15 स्टेशनों पर इस सुविधा से टिकिट प्राप्त कर सकते है।
  9. पीओएस मशीन-पश्चिम मध्य रेल में 247 लोकेशनों पर कुल 449 पीओएस मशीन लगाई गयी है जिसमें भोपाल मंडल के 70 लोकेशनों पर 141, जबलपुर मंडल के 89 लोकेशनों पर 161 एवं कोटा मंडल के 88 लोकेशनों पर 147 पीओएस मशीन लगाये गये है। इन मशीनों का उपयोग पीआरएस, यूटीएस और पार्सल आफिस में किया जा रहा है। जो डिजिटल इंडिया के तहत यात्रियों के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए काफी सुविधाजनक हैं।
  10. पेपरलेस चार्टिंग-पश्चिम मध्य रेल के 15 स्टेशनों पर आरक्षित टिकिट की प्रतिक्षा सूची की जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर देखा जा सकता है। जिनमे जबलपुर, सतना, सागर, रीवा, कटनी, दमोह, भोपाल, हबीबगंज, गुना, कोटा, सवाईमाधौपुर, भरतपुर, गंगापुरसिटी, बीना एवं भवानीमंडी स्टेशनों पर लगे हुये है। इस तरह की सुविधा से पेपर बचने से पर्यावरण के अनूकूल लाभान्वित होगा।

About Editor

यह भी पढ़ें

जबलपुर-हरिद्वार, जबलपुर-पुणे स्पेशल को करो नियमित, मैसूर तक बढ़ाई जाए यशवंतपुर स्पेशल

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की 16 वीं बैठक 17 जनवरी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *