गोराबाजार पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल, तकनीकी साक्ष्यों से खुलेगा 3 साल का राज
जबलपुर। स्कूल की नाबालिग छात्रा से अश्लील बातचीत करने और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के मामले में गिरफ्तार शिक्षक के खिलाफ पुलिस की जांच तेज हो गई है। गोराबाजार थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक के जब्त मोबाइल फोन को अहम तकनीकी साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से राज्य फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया है। आरोपी शिक्षक के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, आईटी एक्ट और पाक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब मोबाइल डेटा, चैट हिस्ट्री और डिलीट की गई फाइलों की प्रमाणित रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
3 साल से नाबालिग को फंसाकर पूजा-पाठ बंद कराने की चल रही थी साजिश
यह सनसनीखेज मामला गौर स्थित सेंट अलायसियस स्कूल का है। यहां पदस्थ शिक्षक सैयद फैजान हुसैन ने अपने ही संस्थान में पढ़ने वाली एक 17 वर्षीय छात्रा का मोबाइल नंबर हासिल किया था। नंबर लेने के बाद उसने छात्रा से सामान्य बातचीत शुरू की, जो धीरे-धीरे अवांछित रूप में बदल गई। आरोपी शिक्षक व्हाट्सएप पर छात्रा के साथ लगातार अश्लील चैटिंग करने लगा और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें मांगने लगा। उसने नाबालिग को मानसिक रूप से अपने प्रभाव में ले लिया और इसके बाद उस पर अपना मूल धर्म छोड़कर धर्मांतरण करने का निरंतर दबाव बनाने लगा। थाने पहुंचे पीड़ित छात्रा के परिजनों ने पुलिस को पूरी व्यथा बताई। परिजनों ने खुलासा किया कि आरोपी शिक्षक पिछले 3 साल से उनकी बेटी को बातचीत के जरिए मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। शिक्षक के अनुचित प्रभाव के चलते छात्रा ने घर में पूजा-पाठ करना पूरी तरह बंद कर दिया था और वह धर्म बदलने की मानसिकता में आ चुकी थी। छात्रा के व्यवहार और रहन-सहन में अचानक आए बड़े बदलावों को देखकर परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने जब छात्रा के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की, तो आरोपी शिक्षक की घिनौनी करतूत सामने आ गई। परिजनों की शिकायत पर गोराबाजार टीआई संजीव त्रिपाठी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक को गिरफ्तार किया और उसका मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए रवाना कर दिया।
