भोपाल. मध्य प्रदेश में रेल पुलिस (जीआरपी) ने एक बड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत वह राज्य के 548 स्टेशनों के आसपास रेल ट्रेक के किनारों की झाडिय़ों को कटवाने का काम कर रही है. इसका कारण ट्रेनों के गेट पर खड़े यात्रियों के हाथ पर डंडा मारकर मोबाइल-बैग गिराने वाले गिरोहों पर लगाम लगाना है. इन स्थानों पर ट्रेन धीमी होते ही झाडिय़ों में छिपे बदमाश यात्रियों पर हमला करते हैं। मोबाइल-बैग गिरते ही उठाकर अंधेरे और झाडिय़ों की ओट में भाग जाते हैं।
एमपी रेल पुलिस के स्पेशल डीजी राजाबाबू सिंह ने प्रदेश के सभी थाना प्रभारियों को झाडिय़ां कटवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद रेल मंडल के ट्रैक और सेक्शन इंजीनियर्स की मदद से कटाई शुरू कराई जा रही है। ये अभियान प्रदेश के सभी 548 छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों के आउटर पर चल रहा है। इसमें जीआरपी के सभी 28 थाने, 20 पुलिस चौकियां और 25 सहायता केंद्र शामिल हैं।
ऐसे काम करता है गिरोह
आउटर पर सिग्नल नहीं मिलने या यार्ड में ट्रैक बदलते समय ट्रेनों की रफ्तार घटकर 10 से 20 किमी प्रति घंटा रह जाती है। बदमाश इसी समय यात्रियों को निशाना बनाते हैं। स्टेशन से कुछ दूरी पहले तीखे मोड़ों या झाडिय़ों के पीछे बदमाश छिपे रहते हैं।
कलाई पर वार- गेट पर खड़ा यात्री फोन पर बात कर रहा हो तो बदमाश 6 से 8 फीट लंबे डंडे से उसकी कलाई पर वार करते हैं। अचानक वार से मोबाइल या बैग नीचे गिर जाता है। ट्रेन आगे निकलते ही बदमाश सामान उठाकर भाग जाते हैं।
झाडिय़ां हटाने के साथ ये दो इंतजाम करना और जरूरी
ब्लाइंड मोड़ों पर रोशनी: आउटर के अंधेरे और तीखे मोड़ों पर हाईमास्ट या सोलर एलईडी लाइट लगाने से रात में संदिग्धों की गतिविधि देखना आसान होगा।
ट्रैक के दोनों ओर सफाई: जीआरपी प्रभारियों ने रेलवे के सेक्शन इंजीनियर्स के साथ मिलकर ट्रैक के दोनों तरफ 15 से 20 फीट तक झाडिय़ां साफ कराना शुरू किया है। झाडिय़ां हटने से गश्त कर रहे जवान दूर से संदिग्धों की गतिविधि देख सकेंगे। वहीं, बदमाशों को वारदात के बाद छिपने और भागने के लिए झाडिय़ों की ओट नहीं मिलेगी।
