जबलपुर। आधार कार्ड की जटिल तकनीकी समस्याओं से परेशान 36 आकांक्षी बालक-बालिकाओं और युवाओं को राहत मिली है। दूसरे जिलों में निराकरण नहीं होने के बाद इन मामलों को जबलपुर में विशेष प्रयासों से सुलझाया गया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और यूआईडीएआई की टीम ने मिलकर वर्षों से अटके मामलों का समाधान किया। बालगृह गोकलपुर के 8 बालक, लाडली बसेरा की 12 बालिकाएं और राजकुमारी बाई निकेतन की 12 बालिकाओं को इसका लाभ मिला।
इन मामलों में आधार में नाम और जन्मतिथि की गड़बड़ी, फिंगरप्रिंट अपडेट, आधार रिजेक्शन और क्रॉस-लिमिट जैसी तकनीकी अड़चनें सामने आ रही थीं। सामान्य प्रक्रिया से सुधार नहीं हो पाने के कारण कई आकांक्षी बालक-बालिकाओं की पढ़ाई, दाखिला, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा था। डीईजीएम चित्रांश त्रिपाठी के समन्वय में यूआईडीएआई के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी टीम ने विशेष एसओपी के तहत मामलों का निराकरण कराया। गोकलपुर में अपार और समग्र आईडी से जुड़ी अड़चनें दूर हुईं, जबकि दोनों बालिका संस्थाओं में आधार से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया।
इन मामलों में आधार में नाम और जन्मतिथि की गड़बड़ी, फिंगरप्रिंट अपडेट, आधार रिजेक्शन और क्रॉस-लिमिट जैसी तकनीकी अड़चनें सामने आ रही थीं। सामान्य प्रक्रिया से सुधार नहीं हो पाने के कारण कई आकांक्षी बालक-बालिकाओं की पढ़ाई, दाखिला, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा था। डीईजीएम चित्रांश त्रिपाठी के समन्वय में यूआईडीएआई के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी टीम ने विशेष एसओपी के तहत मामलों का निराकरण कराया। गोकलपुर में अपार और समग्र आईडी से जुड़ी अड़चनें दूर हुईं, जबकि दोनों बालिका संस्थाओं में आधार से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया गया।
