जबलपुर। गौर पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत वन विभाग ने गुरुवार की शाम 5 बजे एक संदिग्ध आरा मशीन और लकड़ी के गोदाम पर औचक निरीक्षण किया जहां काफी समय से अवैध गतिविधियों और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी की शिकायतें मिल रही थीं और यह पूरी कार्रवाई वन मण्डलाधिकारी के सख्त दिशा निर्देशन में एक विशेष टीम गठित करके की गई थी तथा शुरुआती छानबीन में यह पूरा लकड़ी का गोदाम बंटी ठाकुर का बताया जा रहा है जबकि एसडीओ फॉरेस्ट आकाश साहू ने यह स्पष्ट किया कि मौके पर बिना किसी वैध लाइसेंस के आरा मशीन संचालित पाई गई और भारी मात्रा में लकड़ी मिलने पर मध्य प्रदेश काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
बिना लाइसेंस चल रही थी अवैध आरा मशीन
अचानक की गई इस छापामार कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और वन विभाग की टीम को मौके पर पहुंचते ही भारी अनियमितताएं देखने को मिलीं। अधिकारियों ने जब्ती की प्रक्रिया शुरू करते हुए यह पाया कि वहां रखी गई लकड़ी और काष्ठ सामग्री से जुड़े कोई भी कानूनी दस्तावेज संचालक मौके पर पेश नहीं कर सका। शुरुआती पूछताछ और स्थानीय स्रोतों से मिली जानकारियों के आधार पर यह बात प्रमुखता से सामने आई कि इस तरह के अवैध कारखाने काफी दिनों से पर्यावरण और नियमों को ताक पर रखकर चुपचाप चलाए जा रहे थे। वन विभाग के अमले ने मौके से सभी संदिग्ध उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है और जब्द की गई लकड़ी कीमती होने के कारण उसकी सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई हेराफेरी न हो सके।
बंटी ठाकुर के गोदाम पर हुई बड़ी कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में मुख्य रूप से सामने आ रहे नाम बंटी ठाकुर की संलिप्तता की बहुत ही बारीकी से जांच की जा रही है क्योंकि जिम्मेदार अधिकारियों का ऐसा मानना है कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़ा और संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। एसडीओ फॉरेस्ट आकाश साहू ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर ही यह औचक कदम उठाया गया है और कागजी दस्तावेजों के पूर्ण सत्यापन के बाद इसमें और भी कई नए और चौकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना है। वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से लकड़ी के तमाम अवैध कारोबारियों में भारी डर का माहौल बन गया है और यह संदेश बिल्कुल साफ हो गया है कि प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को कानूनन बख्शा नहीं जाएगा।
