जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कुख्यात आरोपी अब्दुल रज्जाक से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि रज्जाक के प्रकरणों की सुनवाई न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की डिवीजन बेंच में ही जारी रहेगी। इस निर्णय के साथ ही अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई है। मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने प्रकरण को विचारार्थ मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने इस पर विचार करते हुए कहा कि चूंकि इस मामले में न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की पीठ लंबी सुनवाई कर चुकी है, इसलिए इसे किसी दूसरी पीठ को सौंपने का कोई तार्किक आधार नहीं है।
क्या है रज्जाक की याचिका में
अब्दुल रज्जाक ने वर्ष 2025 में याचिका प्रस्तुत कर पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि उसके विरुद्ध दर्ज अनेक प्रकरणों में जानबूझकर अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की जा रही है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जैसे ही उसे एक मामले में जमानत प्राप्त होती है, पुलिस उसे तत्काल किसी अन्य पुराने मामले में गिरफ्तार कर लेती है। इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया गया है। कोर्ट में याचिकाकर्ता का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली और शारिक अकील ने रखा। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी संबंधित मामलों की विस्तृत सुनवाई निर्धारित बेंच में ही संपन्न होगी।
